Bahan Jabardasti Chudai – पैसे के बदले बहन का जिस्म देना पड़ा

Bahan Jabardasti Chudaiबहन का सामूहिक बलात्कार हुआ मेरा नाम मृत्युंजय है और में बनारस में रहता हूँ. में एक इंजीनियरिंग का स्टूडेंट हूँ और लास्ट ईयर में हूँ. आज में आप लोगों के सामने अपने जीवन की एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ. मेरी उम्र 21 साल है और में बनारस में ही रहता हूँ और माता पिता के रूप में मेरे मामा मामी मेरा और मेरी बहन का ख्याल रखते है. Bahan Jabardasti Chudaiमेरे माता पिता की एक एक्सिडेंट में मौत हो गई थी. तब से हमारी परवरिश मामा मामी करते है और पैसे की कोई कमी नहीं है.. इसलिये कभी उन पर बोझ भी नहीं बनते.. जी हाँ आपने सही सुना.. मेरे एक बहन भी है..जो कि 12वीं पास कर चुकी है और आगे के एग्जाम की तैयारी में लगी हुई है. वो डॉक्टर बनना चाहती है. मेरी बहन का नाम स्वाति है और उसकी उम्र 19 साल है.. दिखने में दूध जैसी गोरी है.. लेकिन फिगर ऐसा कि जो सबको मस्त कर दे.तो अब में अपनी कहानी पर आता हूँ. बात तब की है जब मेरी बहन का पास के ही एक मेडिकल कॉलेज मे एड्मिशन हो गया और वो होस्टल में रहने लगी. हम लोग काफ़ी खुश थे किसी चीज की कमी नहीं थी.. हम एक दूसरे का ख्याल रखते और पढ़ाई भी करते.एक दिन मुझे ज़रूरी काम से इलाहाबाद जाना था.. तो में अपने फ्रेंड की बाइक लेकर गया और आते वक़्त मेरा एक्सिडेंट हो गया.. लेकिन में बच गया.. क्योंकि चोटें हल्की थी.. पर बाइक का बुरा हाल हो गया. फ्रेंड ने जब बाईक देखी तो वो रो पड़ा कि उसके पापा उसे नहीं छोड़ेंगे और कैसे भी करके बाईक सही करानी है.फिर मैंने कह दिया कि ठीक है.. में करवा देता हूँ. मैंने कह तो दिया था.. लेकिन पता नहीं था कि खर्चा करीब 15 हजार का होगा. में जल्दी से अपने रूम पर गया और सारे पैसे जोड़े.. लेकिन वो बहुत कम थे. तो फिर मैंने अपनी बहन को फ़ोन किया.इसे भी पढ़े – पत्नी नौकर से प्यास बुझवाने लगीमें – हैलो स्वाति.स्वाति – हाँ भैया क्या हुआ?में – (मैंने उसे सारी बात बता दी) क्या पैसों का जुगाड़ हो सकता है.स्वाति – ठीक है भैया.. में पैसे लेकर आती हूँ आपके पास.स्वाति के पैसे भी मिलाकर 7 हजार हुये थे. फिर मुझे टेन्शन होने लगी थी और मेरे फ्रेंड का फोन आये जा रहा था कि में कहां हूँ. मैंने अपने सभी दोस्तों को फोन किया और पैसों का इंतज़ाम किया.. लेकिन तब भी 14 हजार कम रह गये.में – हैलो शक्ति.शक्ति – हाँ बोल.. मृत्युंजय क्या हुआ?में – यार थोड़े पैसे चाहिये थे.. करीब 14 हजार.. अर्जेंट है.शक्ति – भाई अर्जेंट तो नहीं हो पायेंगे.. पर 3-4 दिन में कर दूँगा.में – नहीं यार आज ही चाहिये.. कहीं से कोई जुगाड़ हो सकता है.शक्ति – हाँ.. मेरे जानने वाला एक बंदा है वो ब्याज पर पैसे देता है.में – अभी दे सकता है?शक्ति – हाँ दे देगा.. अब पता नहीं वो घर पर है या नहीं.में – चल तू मुझे एड्रेस भेज.. में जाकर देखता हूँ और तू उसे फोन करके बोल दे कि में आऊंगा.शक्ति – ठीक है.. कोई प्रोब्लम नहीं.. अभी भेजता हूँ.शक्ति ने जो एड्रेस दिया था.. वो पास ही था. फिर मैंने स्वाति को कहा.. चलो तुम्हे भी कॉलेज छोड़ दूँगा.. क्योंकि वहां से थोड़ी दूर ही उसका कॉलेज था.. में और स्वाति चल दिये.. वहां पहुंचे और डोर बेल बजाई.में – हैलो.. शाका भाई.. मुझे शक्ति ने भेजा है.शाका – हाँ आ जाओ अंदर.में – शाका भाई.. अभी पैसों का जुगाड़ हो जायेगा? में आपको जल्दी ही दे दूँगा.शाका – हाँ हो जायेगा.. इतनी भी क्या टेन्शन है.. लेकिन हाँ में 10% ब्याज पर दूँगा.में – ठीक है भाई.शाका – तो ये लो और अपनी कोई आई.डी. रख दो.मैंने अपना ड्राइविंग लाइसेन्स दे दिया.शाका – इस पर तो बनारस का एड्रेस है.. यहाँ के एड्रेस की आई.डी. दो.में – वो तो नहीं है.शाका – ये लड़की कौन है.में – मेरी बहन है.शाका – तो ठीक है.. इसकी आई.डी. दे दो और अगर मुझे ब्याज और पैसे 1 महीने में नहीं मिले.. तो मुझे पैसे निकलवाने आते है.में – चिंता ना करो भाई.. मिल जायेंगे.. जैसे तेसे हम वहां से निकले. मैंने स्वाति को कॉलेज छोड़ा और फ्रेंड के पास जाकर बाईक सही कराने के पैसे दिये और चैन की साँस ली. दिन निकलते गये और में पैसे जोड़ता रहा.. 1 महिना पूरा होने को आया.. लेकिन पैसे पूरे नहीं हुये. “Bahan Jabardasti Chudai”में – हैलो शाका भाई.शाका – हाँ बोलो.में – भाई थोड़े पैसे कम है.. क्या मुझे 1 हफ्ते का टाईम और मिलेगा.. मेरी काफ़ी मिन्नतों के बाद वो मान गया.शाका – ठीक है.. लेकिन जितने हो गये है वो दे जा और अपनी बहन को साथ लेकर आना.. मुझे उसके कॉलेज के बारे में कुछ पूछना है.में – ठीक है.. क्योंकि में पैसों की वजह से मना नहीं कर पाया.में स्वाति को उसके होस्टल से लेकर शाका के घर पहुंचा.में – शाका भाई.. ये लीजिये 7 हजार है.. बाकी के 1 हफ्ते में ले आऊंगा.शाका – ठीक है.में – थैंक्स शाका भाई.. तो अब में चलता हूँ. जैसे ही हम चलने लगे.. तो 4-5 हट्टे कट्टे लड़को ने हमें घेर लिया. “Bahan Jabardasti Chudai”शाका – यहाँ से सिर्फ तू जायेगा और जब तक तू बाकी के पैसे नहीं लाता.. तेरी बहन यही रहेगी.में – शाका भाई ले आऊंगा.. प्लीज हमें जाने दो.शाका – तुझे भी जाना है या नहीं.. जितनी जल्दी पैसों का इंतजाम करेगा.. उतनी जल्दी लेकर चला जाना. में और कुछ कहता कि उससे पहले मुझे लड़को ने पकड़ कर घर के बाहर निकाल दिया.स्वाति – छोड़ दो.. मुझे भी जाना है.. भैया मुझे भी लेकर चलो.में उसकी बात का कोई जवाब नहीं दे पाया और चुपचाप सिर झुका के वहां से चला गया.अब आगे कि कहानी मेरी बहन की ज़ुबानी जो कि उसने मुझे वहां से आने के बाद बताई.स्वाति – मुझे जाने दो.इसे भी पढ़े – कुंवारी स्कूल गर्ल का सेक्सी फिगरशाका – साली कितनी उछल रही है और गाल पर एक थप्पड़ मार दिया और स्वाति बेहोश हो गई. जब स्वाति को होश आया.. तो वो नंगी एक रूम में बंद थी.. जहाँ दीवारों और 2 खिड़कियों के अलावा कुछ भी नहीं था. “Bahan Jabardasti Chudai”स्वाति – मुझे जाने दो प्लीज.. मेरे कपड़े दे दो.शाका – आ गया तुझे होश.. तुझे क्या लगता है में पागल हूँ.. जो अपने पैसे खाने दूँगा. मैंने कहा था कि मुझे टाईम पर पैसे चाहिये.. वरना वसूल तो में अपने तरीके से कर ही लूँगा.स्वाति – प्लीज़….जाने दो मेरा भाई दे देगा पैसे.. इतने में दरवाजा खुलता है और शाका अंदर आता है और स्वाति के बाल पकड़ के उसे खींचता हुआ बाहर लेकर आता है. स्वाति बाहर आते ही दंग रह जाती है.. क्योंकि वहां 5 लड़के और खड़े थे.. जो कि अपने अपने कामों में लगे हुये थे.स्वाति ने अपने हाथों से अपने जिस्म को छुपाना चाहा.. लेकिन कोई फायदा नहीं था.शाका – क्या छुपा रही है? तेरे बूब्स कितने बड़े है जो इन्हे छुपा रही है. में तुझे एक असली लड़की बना दूँगा. शाका ने सबको काम बंद करने को कहा और अन्दर में आने को कहा.. सब अंदर आये.शाका – आज इसे जितना चोदना चाहो उतना चोद लो.. ये सोना नहीं चाहिये.. जब तक तुम बिल्कुल थक ना जाओ. ये कहकर शाका अपनी कुर्सी पर बैठ गया और नज़ारे देखने लगा. 2 लड़के आगे बड़े और अपने कपड़े उतारकर स्वाति पर झपटे और एक उसके बूब्स को चूसने और दूसरा चूत चाटने लगा. “Bahan Jabardasti Chudai”शाका – तुम तीनों के भी हाथ जोड़कर बोलूँ क्या? यह सुनते ही बाकी लड़के भी उस पर टूट पड़े.. सबके लंड खड़े थे और सब के लंड 7-8 इंच लंबे थे. स्वाति ने जब यह देखा तो उसकी तो जान ही निकल गई और मदद के लिए चिल्लाने लगी. इतने में एक ने उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया और झटके मारने लगा.स्वाति ने मुँह हटाना चाहा.. लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा था.. वो कुछ सोचती कि उसके पहले एक लड़के ने अपना लंड उसकी चूत पर रखकर एक ज़ोरदार झटका मारा.. एक ही झटके में लंड अंदर चला गया और स्वाति ज़ोर से चिल्ला पड़ी और उसकी चूत से खून बहने लगा..किसी ने उसको नहीं देखा.. क्योंकि वो सब उसकी चुदाई में मग्न थे. एक एक करके सब चोदते गये और खून निकलता रहा.. वो चीखती रही.. लेकिन कोई असर नहीं हुआ. ये सिलसिला 3 घंटे तक चला. फिर सारे लड़के अपने काम पर लग गये.शाका – चल आराम कर ले थोड़ी देर.स्वाति उपर से नीचे तक वीर्य में भीगी हुई थी. आँखो में आसूं फर्श पर खून और दर्द से कराह रही थी. में खुद भी नहीं बता सकता कि उसकी क्या हालत थी.. कुछ ही देर हुई थी कि एक आदमी ने उसके ऊपर पानी फेंका और वो उठ गई.. “Bahan Jabardasti Chudai”उसको होश तो नहीं था.. लेकिन उसने देखा तो वो रो पड़ी.. क्योंकि उसके सामने 8 आदमी थे और सब के सब नंगे थे.. वो हाथ जोड़ती हुई रोने लगी.. लेकिन उसकी सुनने वाला वहां कोई नहीं था और चुदाई का सिलसिला चलता रहा.सब के सब उसे अपनी गोद में उठा उठा कर चोद रहे थे.. क्योंकि उसका वजन 45 किलो ही था और खिलोने की तरह एक दूसरे की गोद में फेंक रहे थे. 3 लोगों से चुदने के बाद उसे कोई होश नहीं था.. हाँ बस हर झटके के साथ उसकी चीख निकलती रही. फिर शाम हुई सब रुक गये और बीच में टेबल पर बिठाकर दारू का सिलसिला चालू किया.. स्वाति को खुल्ला छोड़ दिया.. ताकि वो आराम कर ले.स्वाति – पानी चाहिये प्यास लगी है.. उनमे से एक आदमी ने उठकर उसके मुँह में लंड घुसेड़ के मूत दिया और कहा कि ये ही मिलेगा पीना.. उसके गले में से मूत नीचे उतरता हुआ चला गया. रात हुई और सब पीकर सो गये.. जो जागता.. तो वो उसे चोदता और जो करना होता करते.. ये सिलसिला रोज चलता.. रोज नये नये लोग आते.. चोदते और चले जाते.. ये सब करते 4 दिन बीत गये. “Bahan Jabardasti Chudai”इसे भी पढ़े – धोबन ने घर बुलाया चूत पेलने के लिएमें पैसों का जुगाड़ करके शाका के घर पहुंचा.. वहा जाते ही वो सब देखकर हैरान रह गया. स्वाति नंगी और उस पर करीब 12-13 आदमी चढ़े हुये है और चोद रहे है और वो भी कूद कूद के चुदवा रही थी. ये सब देखने के बाद मेरा लंड भी खड़ा हो गया और में देखता रहा.में – साले तूने यह क्या किया.. मेरी बहन के साथ?शाका – उसे लड़की से औरत बना दिया.. मेरे पैसे लाया है?में – हाँ ये ले और मेरी बहन को ला.शाका – झट से मेरी बहन को साईड में खड़ा कर दिया और कहा कि ले जा और उसके कपड़े फेंक के दिये.स्वाति ने कपड़े पहने और मेरे सहारे चलने लगी.. वो बेचारी चल भी नहीं पा रही थी और उसमें से वीर्य और मूत की गंदी बदबू आ रही थी. फिर में ऑटो करके उसे अपने रूम पर ले गया और उसे सुला दिया. “Bahan Jabardasti Chudai”ये Bahan Jabardasti Chudai की कहानी आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………कहानी को अपने दोस्तों के साथ शेयर करे…Like this:Like Loading…Related

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